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Archive for April, 2007

ताज़ा खबर

बन गयी मिसेज बच्चन, कल मिस राय,
कह कर पुराने आशिकों को टाटा -बाय-बाय,
जाने कितनों के सीनों पर खंजर चलाए,
जिन्होने बाल्टी भर-भर आँसू बहाए|
जुगल जोडी के दर्शन की आस लगाए,
प्रतीक्षा करती रही पब्लिक टकटकी लगाए,
और संवाद-दाता अडे रहे डेरा जमाए|
जो मिली किसी को कोई फालतू खबर,
हर चैनल बार-बार वही दोहराए|
किसने किस रंग की साडी पहनी,
किसने कितने [...]

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कभी किसी बिछङे से पूछो,
कैसे घर की याद सताती है|
बारिश में सौन्धी हुई मिट्टी,
मन भीतर तक गीला कर जाती है|
तस्वीरों में जो बचपन थोङा बाकी है,
यादें उसकी अब भी गुदगुदाती हैं|
बाज़ार में सजी कोई फुलकारी,
दूर अपने देस ले जाती है|
कभी किसी बिछङे से पूछो,
कैसे घर की याद सताती है|
खुशियाँ दिलासा देने जब,
कभी-कभार दस्तक दे जाती [...]

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